स्कूल संचालक कर रहे पालको से मनमानी


हरदा - हर वर्ष बदले जा रहे हैं स्कूलों में गणवेश पुस्तकें-
 हरदा -स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह के सख्त निर्देश के बाद निजी स्कूल वाले अपनी जेब गर्म करने के लिए गणवेश पुस्तकें आदि  परिवर्तित कर लूट खसोट कर रहे हैं। बाजार से नहीं बल्कि गणवेश पाठ्यक्रम की पुस्तकें निर्धारित दुकान व स्कूल से खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। हर बर्ष पुस्तकें व गणवेश बदलने के कारण अभिभावकों पर अतिरिक्त खर्च आता है इसकी परवाह किए बिना मनमानी कर रहे हैं। हालांकि गणवेश ब पुस्तकें बार बार नहीं बदलने के संबंध में शासन का सख्त आदेश है। फिर भी सारे आदेशों को नजरअंदाज करते हुए खुलेआम लूट-खसोट कर रहे हैं।
              नगर पालिका हरदा अंतर्गत कुछ ऐसे ही स्कूल हैं जहां कमाई के लिए गणवेश ब पुस्तकों में फेरबदल हर वर्ष कर दिया जाता है। जिसके कारण मजबूरी में अभिभाबक कर्ज लेकर गणवेश ब पुस्तकों खरीद रहे हैं ।अभिभाबक शादी-ब्याह से अभी फुर्सत भी नहीं हुए कि एक अतिरिक्त खर्च आ गया है। स्कूल संचालक की मनमानी से अभिभाबक लूट-खसोट का शिकार हो रहे हैं। गणबेश ब पुस्तकों के संबंध में जो दिशानिर्देश जारी किया जाता है उसका खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन किया जा रहा है। फिर भी विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं ।स्कूल संचालक को नोटिस देकर इस संबंध में जानकारी नहीं ली जाती है जिससे संचालकों का मनोबल दिनों दिन बढ़ रहा है ।और बे शिक्षा को कमाई का धंधा बना लिए हैं ।
एक समय ऐसा था जब शिक्षा सबसे पवित्र कार्य माना जाता था ।समय अब इतना बदल गया कि शिक्षा को व्यवसाय बनाकर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। विभाग के अधिकारी न जाने क्यों उनके इस रवैया की अनदेखी कर रहे हैं ।इस रवैया को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करें तो निजी स्कूल संचालकों की मनमानी  पर अंकुश लगे। किंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि एक भी  कार्यबाही नहीं होने से नियमों की परवाह किए बिना मनमानी की जा रही है।
पालकों की बैठक बिना लिया निर्णय-
 निजी स्कूलों में भी पालक शिक्षक संघ का गठन करने का आदेश है। कोई फेरबदल करने से पहले बैठक लेकर निर्णय लिया जाता है तब जाकर परिवर्तन किया जाता है। ऐसा कुछ भी नहीं किए बिना गुपचुप तरीके से गणबेश ब पुस्तकों को बदल दिया गया। बैठक की खानापूर्ति कागजों पर भले ही की गई हो किंतु अधिकांश अभिभावकों को बैठक में निर्णय के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है।
      एनसीसी एनएसएस रेडक्रास स्काउट की गतिविधियों का सुचारु संचालन नहीं-
 निजी विद्यालयों में एनसीसी राष्ट्रीय सेवा योजना रेडक्रास स्काउट आदि का गठन कर उसका संचालन नहीं किया जाता। जबकि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह की गतिविधियां मील का पत्थर साबित हो सकती है। बच्चों के भविष्य की भावनाओं को दरकिनार करते हुए सदाचार शिष्टाचार देशभक्ति समाजसेवा आदि भावना विकसित करने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया जाता।इस संबंध में दबाव नहीं बनाया जाता जिसके कारण उनके द्वारा मनमानी की जा रही है।

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