डॉक्टर रघुवंशी का निलंबन ना होना बना कोतूहल का विषय- सीएमएचओ की अनुशंसा के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
डॉक्टर रघुवंशी का निलंबन ना होना बना कोतूहल का विषय- सीएमएचओ की अनुशंसा के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई !
प्रदेश वॉच हरदा - जिला चिकित्सालय हरदा में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिरीष रघुवंशी लंबे अरसे से गंभीर अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है । तमाम आरोपों को संज्ञान में लेते हुए सीएचएमओ हरदा ने डॉक्टर रघुवंशी के निलंबन की कार्यवाही करने का अनुशंसा पत्र दिनांक 6/07/2017 को स्वास्थ्य आयुक्त भोपाल सहित जिला कलेक्टर को भिजवाया फिर भी कार्यवाही नहीं हो रही है। इस मुद्दे को मंगलवार को जनसुनवाई में उठाते हुए मुकेश दुबे में कार्यवाही नहीं होने का कारण जानना चाहा। जबकि पीड़ितो के परिजनों ने सीजर ऑपरेशन के एवज में 6--6 हजार रुपए बसुलने की 3 महिलाओं ने लिखित रूप से शिकायत की है। इतने पर भी कार्यवाही नहीं होने से अधिकारियों पर लोगों का विश्वास उठ रहा है । दूर दराज से बड़ी उम्मीद लगाकर गरीब आते हैं किंतु उन्हें अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलना तो दूर लूट-खसोट का शिकार होते हैं । डिलीवरी के दौरान खुलेआम पैसे की मांग की जाती है तैयार होने पर ऑपरेशन किया जाता है अन्यथा अन्य स्थान पर रेफर कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए सोनोग्राफी सेंटर संचालित किया जा रहा है ।अस्पताल से ज्यादा समय सोनोग्राफी सेंटर में देते हैं तरह तरह के बहाने बनाकर डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान हजारों रुपए की वसूली की जाती है। हजार रुपए का इंजेक्शन बच्चा उल्टा है पानी कम है धड़कन अधिक है आदि बहाना बनाकर लगाया जाता है । इतनी कमियों के बाद भी सोनोग्राफी सेंटर को ना तो बंद करने की कार्रवाई की जा रही है और ना ही डॉक्टर रघुवंशी पर कोई कार्रवाई हो रही है । डॉ रघुवंशी की DGO की डिग्री पर भी सवाल उठ रहे हैं ।आरटीआई में मांगी गई जानकारी देने में DGO की डिग्री नहीं दी गई जबकि ऑपरेशन करने के लिए DGO की डिग्री होना अनिवार्य है। उच्चाधिकारियों को अंधेरे में रखा ऑपरेशन ब अनियमितता किया जा रहा है । जिसका खुलासा होने पर भी अनदेखा करते हुए डॉक्टर रघुवंशी का बचाव किया जा रहा है । डेढ़ वर्ष पहले सोनोग्राफी सेंटर पर तहसीलदार ने दलबल सहित छापा मारा इस दौरान तमाम अनियमितता मिली जिसे दबा दिया गया। छापे के दौरान डॉक्टर रघुवंशी अस्पताल टाइम पर सेंटर में उपस्थित मिले । हालांकि बचाव के लिए सामान लेने के लिए आने का बहाना बनाया । अपने बचाव के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना कर डॉक्टर रघुवंशी लंबे अरसे से अंगद के पांव की तरह जमे हुए हैं।
Comments
Post a Comment