बचई तालाब के पास मुँहबोले चाचा ने की महिला की इज्जत तार-तार
बचई तालाब के पास मुँहबोले चाचा ने की महिला की इज्जत तार-तार
प्रदेश वाच नरसिहपुर । अस्पताल में रात भर बैंच पर पड़ी रही पीड़िता, घर में सोती रहीं महिला चिकित्सक जबलपुर निवासी एक आदिवासी विवाहित महिला ग्राम बचई के पास गैंगरेप का शिकार हो गयी। इस वारदात की साजिश में महिला का रिश्ते में चाचा लगने वाला एक सख्स शामिल था। मामला बेहद संजीदा था, लिहाजा मुंगवानी पुलिस ने रात में 1 बजे पीड़िता की ओर से एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की लेकिन जिला अस्पताल में पुलिस की यह संजीदगी उस वक्त संवेदनहीनता की भेंट चढ़ गयी जब पीड़िता एमएलसी के इंतजार में रात भर बैंच पर पड़ी रही और ड्यूटी डॉक्टर घर में सोती रही। वारदात के संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जबलपुर निवासी एक 28 वर्षीय आदिवासी महिला नरसिंहपुर में अपनी बहन के यहां आयी हुई थी। 11 जुलाई की दोपहर को लगभग 3 बजे वह जिले में ही स्थित अपने मायके जाने के लिए सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार कर रही थी, तभी महिला का रिश्ते मे चाचा लगने वाला बेलखेड़ी निवासी रामप्रसाद ठाकुर अपनी मोटर सायकिल से वहां पहुंचा और महिला को उसके मायके छोड़ने की पेशकश की। रामप्रसाद पर विश्वास करके महिला उसके साथ बाइक पर बैठकर चली गयी। रास्ते में इन्हे बेलखेड़ी का ही चेतन पटैल मिला जिसने दोनों को रोककर कोल्डड्रिंक पिलायी तो महिला को नशा होने लगा। इसके बाद उसी बाइक में तीनों बैठकर आगे बढ़ गये और रामप्रसाद ने बाइक बचई की ओर मोड़ दी। बचई में तालाब के पास सुनसान स्थान पर ले जाकर दोनों ने मिलकर न सिर्फ महिला के साथ गैंगरेप किया बल्कि उसे बेहद बेरहमी से पीटा भी। जिसकी चोटों के निशान महिला के शरीर में नजर आ रहे थे।
👉अपहरण, रेप व अन्य धाराओं के तहत हुई कायमी
गैंगरेप के आरोपी महिला को अपने हाल पर छोड़कर मौके से भाग निकले तब किसी तरह महिला अपनी बहन के यहां वापस नरसिंहपुर आयी और पूरी घटना बयां की। रात्रि करीब 1 बजे पीड़िता अपनी बहन व जीजा के साथ संबंधित मुंगवानी थाना आयी और प्राथमिकी दर्ज करायी। पुलिस ने महिला की रिपोर्ट पर आरोपी रामप्रसाद व चेतन पटैल के खिलाफ धारा 366, 376, 376 (2) (एफ) (1), 376 (डी) आईपीसी एवं 3 (1) (10) , 3(2)(5)(9) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया। मुंगवानी थाना प्रभारी उमेश दुबे ने दावा किया कि जल्द ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जायेगी, जिनकी सरगर्मी से तलाश जारी है।
👉सुबह महिला आरक्षक ने सिविल सर्जन से की शिकायत
मुंगवानी में आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस पीड़िता को मुलायजे के लिए रात्रि लगभग 2 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंची लेकिन हद तब हो गयी जब कॉल करने के बाद भी इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक नम्रता शुक्ला अस्पताल नही पहुंचीं और महिला पूरी रात बैंच पर पड़ी कराहती रही। सुबह करीब 10.30 बजे जब नवागत सिविल सर्जन डॉ. मिश्रा राऊंड पर पहुंचे तो पीड़िता के साथ आयी महिला आरक्षक निशा नेमा ने इसकी शिकायत की, तब कहीं अस्पताल प्रबंधन कुछ हरकत में आया। आरक्षक निशा नेमा ने बताया कि अधिकारियों-कर्मचारियों में डॉ. नम्रता शुक्ला का खौफ इस कदर व्याप्त है कि वे उन्हें कॉल करने से भी डरते हैं।
👉चिकित्सक पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप
पीड़िता के जीजा द्वारा इसकी शिकायत कलेक्टर से करते हुए डॉ. नम्रता शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाये हैं। जिसमें कहा गया है कि यदि रेप पीड़िता के मुलायजे में इतनी देर लगायी जायेगी तो इसका फायदा आरोपियों को मिलेगा। महिला के जीजा ने कलेक्टर को दिये आवेदन में अंदेशा व्यक्त किया है कि शायद डॉ. नम्रता शुक्ला की आरोपियों से सांठगांठ है, क्योंकि महिला चिकित्सक के रूप में इमरजेंसी ड्यूटी होने के बाद भी वे बुलाने पर भी अस्पताल नही आयीं। यदि एमएलसी में देर की जाती है तो घटना के साक्ष्य प्रभावित होते हैं। पीड़िता के जीजा ने आवेदन में यह भी बताया कि सुबह जब डॉ. सक्सेना मैडम ड्यूटी पर आयीं तो उन्होंने भी यह कहकर मुलायजा करने से मना कर दिया कि एमएलसी रात्रि की है इसलिए रात्रि में जिसकी ड्यूटी थी वे ही एमएलसी करेंगी। जब पीड़िता के रिश्तेदारों ने यह व्यथा सिविल सर्जन से कही तब सिविल सर्जन ने डॉ. नम्रता शुक्ला को कॉल कर अस्पताल बुलवाया।
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